Saturday, January 28, 2012

वक्त


एक लम्हा ऐसा भी आता है
जिसमे बीता हुआ कल नज़र आता है
बस यादें रह जाती है याद करने को
और वक्त सब कुछ लेकर गुजार जाता है

Thursday, January 26, 2012

इश्क


जमी केलिए आसमा झुक रहा है
किसी के लिए कारवां रुक रहा है
लगी है उधर इश्क की आग शायद
तभी तो उधर से धुँआ उठ रहा है

Monday, January 23, 2012

चाहत


चाहत के बिना जहा में गुजारा नहीं होता
हर शाम के माथे पे सितारा नहीं होता
तूफ़ान जब आती है कुछ डूब भी जाता है
हर कश्ती की किस्मत में किनारा नहीं होता

Sunday, January 22, 2012

दर्पण

तेरी आँखों में देख लू चेहरा
मुझको दर्पण की जरूरत क्या है
तेरी यादे बसी हो जिस दिल में
उसको धडकन की जरूरत क्या है 

Thursday, January 19, 2012

याद


फकत एक तेरी याद में सनम
न सफर के रहे न वतन के रहे
बिखरे है लाश के इस कदर टुकड़े हैं 
न कफ़न के रहे न दफ़न के 

Saturday, January 14, 2012

मोहोब्बत


चाहत के परदे में नफरत है मुमकिन
तो नफरत के परदे मी चाहत भी होगी
अगर कोई खफा है तुम्हे अपना समझ कर
तो उसको यक़ीनन तुमसे मोह्प्ब्बत भी होगी 

Sunday, January 8, 2012

इश्क



प्यासे को एक कतरा पानी काफी हैं
इश्क में चार पल की जिंदगी काफी है
डूबने को समुन्दर में जाए कहाँ
उनकी पलकों से टपका दो बूंदे काफी है

Thursday, January 5, 2012

मंजिल




हर सास कह जाती है एक नयी कहानी
हर सुबह ले आती है एक नयी कहानी
रास्ते तो बदलते है हर दिन 
लेकीन मंजिल रह जाती है वोही पुरानी