Monday, March 9, 2015

दिखावा

सच मानो तो.. महज दिखावा है 
सम्मान नारी ..का एक छलावा है 
आदमी तो आदमी इंसान भेड़िया है 
माँ बहन बेटियों को यही पछतावा है

Tuesday, March 3, 2015

जिंदगी को अभी .नए मुकाम देने है

कोशिशों को ....अभी अंजाम देने हैं 
मुश्किलों को अभी कुछ.नाम देने हैं 
माना की काटों ....भरी है ये जिंदगी 
जिंदगी को अभी .नए मुकाम देने है