हाँ इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा
जीने का दम रखता हूँ, तो मरकर भी दिखलाऊंगा।
नज़र उठा कर न देखना, ऐ दुश्मन मेरे देश को
मरूँगा मैं जरूर पर, तुझे मार कर हीं जाऊंगा।
कसम मुझे इस माटी की, कुछ ऐसा मैं कर जाऊंगा
हाँ इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा।।
जीने का दम रखता हूँ, तो मरकर भी दिखलाऊंगा।
नज़र उठा कर न देखना, ऐ दुश्मन मेरे देश को
मरूँगा मैं जरूर पर, तुझे मार कर हीं जाऊंगा।
कसम मुझे इस माटी की, कुछ ऐसा मैं कर जाऊंगा
हाँ इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा।।
मेरे हौसले न तोड़ पाओगे तुम
क्योंकि मेरी शहादत हीं अब मेरा धर्म है।
ऐ मेरे देश के नौजवानों अब आंसू न बहाओ तुम
सेनानियों की शहादत का अब कर्ज चुकाओ तुम।
उठो तुम भी और मेरे साथ कहो, कुछ ऐसा मैं भी कर जाऊंगा
हाँ इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा।।
क्योंकि मेरी शहादत हीं अब मेरा धर्म है।
ऐ मेरे देश के नौजवानों अब आंसू न बहाओ तुम
सेनानियों की शहादत का अब कर्ज चुकाओ तुम।
उठो तुम भी और मेरे साथ कहो, कुछ ऐसा मैं भी कर जाऊंगा
हाँ इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा।।
ऐ देश के दुश्मनों ठहर जाओ
आंच आई मेरे देश पर तो खून मैं बहा दूंगा।
माया में फंसकर तो मरता हीं है हर कोई
पर तिरंगे को कफ़न बना कर मैं शहीद कहलाऊंगा
हाँ इस देश का वासी हूँ, इस माटी का क़र्ज़ चुकाऊंगा।।
खून खौलता है मेरा, जब वतन पर कोई आंच आती है
कतरा कतरा बहा दूंगा, दिल से आवाज आती है।
इस माटी का बेटा हूँ मैं, इस माटी में ही मिल जाऊंगा
आँख उठा के देखे कोई, सबको मार गिराऊंगा।
भारत का मैं वासी हूँ, अब चुप नहीं रह पाउँगा
अब चुप नहीं रह पाउँगा, अब चुप नहीं रह पाउँगा।।
कतरा कतरा बहा दूंगा, दिल से आवाज आती है।
इस माटी का बेटा हूँ मैं, इस माटी में ही मिल जाऊंगा
आँख उठा के देखे कोई, सबको मार गिराऊंगा।
भारत का मैं वासी हूँ, अब चुप नहीं रह पाउँगा
अब चुप नहीं रह पाउँगा, अब चुप नहीं रह पाउँगा।।