दोस्ती जब किसीसे की जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए
मौ का जेहर है फिजाओं में
अब कहा जाके सास ली जाए
बस इसी सोच में हूँ डूबा हुआ
ये नदी कैसे पार की जाए
बोतलें खोल के तो पी बरसो
दुश्मनों की भी राय ली जाए
मौ का जेहर है फिजाओं में
अब कहा जाके सास ली जाए
बस इसी सोच में हूँ डूबा हुआ
ये नदी कैसे पार की जाए
बोतलें खोल के तो पी बरसो
आज दिल खोल के भी पि जाए
..... राहत इंदोरी
..... राहत इंदोरी