मंदिर की सीढिया अब
चढ़ी नहीं जाती
वह बैठे गरीबो की हालत जो देखी नहीं जाती
रहम दिल है खुदा ऐसा सुना करते थे
पर लगता है गरीबो की फ़रियाद भी उनके आगे सुनी नहीं जाती
वह बैठे गरीबो की हालत जो देखी नहीं जाती
रहम दिल है खुदा ऐसा सुना करते थे
पर लगता है गरीबो की फ़रियाद भी उनके आगे सुनी नहीं जाती