Sunday, March 30, 2014

धार करते मिले

गिले ,शिकवे हज़ार करते मिले ,
प्यार, इजहार ,यार करते मिले ,
पीठ ज्यों ही घुमाई हमने तो 
अपने खंजर में धार करते मिले !

Sunday, March 9, 2014

किनारा मिल जाये

डूबती कश्तियों को किनारा मिल जाये.......
तेरा साथ ऐ ज़िंदगी दोबारा मिल जाये .........

बहुत अकेले से हो गए हैं शहर में आके........
तेरे शहर में अब कोई हमारा मिल जाये …….