ग़ालिब VS इकबाल VS फैज़
ग़ालिब :
शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर ...
या वो जगह बता जहाँ पर खुदा नहीं ...
इकबाल :
मस्जिद खुदा का घर है पीने की जगह नहीं ...
काफ़िर के दिल में जा वहां खुदा नहीं .....
फैज़ :
काफ़िर के दिल से आया हूँ ये देख कर ...
खुदा वहां मौजूद है लेकिन उसे पता नहीं
ग़ालिब :
शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर ...
या वो जगह बता जहाँ पर खुदा नहीं ...
इकबाल :
मस्जिद खुदा का घर है पीने की जगह नहीं ...
काफ़िर के दिल में जा वहां खुदा नहीं .....
फैज़ :
काफ़िर के दिल से आया हूँ ये देख कर ...
खुदा वहां मौजूद है लेकिन उसे पता नहीं
साक़ी शराब देना तो मस्जिद से दूर दूर,
ReplyDeleteबोतल तो एक है कहीं खुदा न मांग ले ॥
डॉ॰ सूर्या बाली "सूरज"
www.drsuryabali.com