आसमान के सपने देकर छीन धरातल लेते हैं ।
राजनीति के योद्धा हमको कष्ट बड़ा ही देते हैं ।
बातों से ही मन भरते हैं बातों में उपबंध करें ।
मिले निवाला हर मानव को नहीं ऐसा प्रबंध करें ।
करके बातें बड़ी बड़ी वे सिंहासन पा लेते हैं ।
राजनीति के योद्धा हमको कष्ट बड़ा ही देते हैं ।
राजनीति के योद्धा हमको कष्ट बड़ा ही देते हैं ।
बातों से ही मन भरते हैं बातों में उपबंध करें ।
मिले निवाला हर मानव को नहीं ऐसा प्रबंध करें ।
करके बातें बड़ी बड़ी वे सिंहासन पा लेते हैं ।
राजनीति के योद्धा हमको कष्ट बड़ा ही देते हैं ।
करें बुराई प्रतिद्वंदी की खुद की प्रशंसा खूब करें ।
दूजा भी है समर्थ आदमी हरगिज न मंजूर करें ।
चित भी इनकी पट भी इनकी अंटा इनके बाबा का ।
पांच साल तक जनता लेती घंटा इनके बाबा का ।
दोनों हाथों खूब तिजोरी अपनी ये भर लेते हैं ।
राजनीति के योद्धा हमको कष्ट बड़ा ही देते हैं ।
दूजा भी है समर्थ आदमी हरगिज न मंजूर करें ।
चित भी इनकी पट भी इनकी अंटा इनके बाबा का ।
पांच साल तक जनता लेती घंटा इनके बाबा का ।
दोनों हाथों खूब तिजोरी अपनी ये भर लेते हैं ।
राजनीति के योद्धा हमको कष्ट बड़ा ही देते हैं ।
सभी बड़े ओहदों पर बैठे इनके भाई भतीजे हैं ।
जांच घोटालों की होती पर मिलते नहीं नतीजे हैं ।
जज व थानेदार भी तो मिलकर ही रहते हैं इनसे ।
कोई बेचारा अपनी विपदा आखिर कह दे किनसे ?
जैसा ये आदेश करें वे वैसा ही कर देते हैं ।
राजनीति के योद्धा हमको कष्ट बड़ा ही देते हैं ।
जांच घोटालों की होती पर मिलते नहीं नतीजे हैं ।
जज व थानेदार भी तो मिलकर ही रहते हैं इनसे ।
कोई बेचारा अपनी विपदा आखिर कह दे किनसे ?
जैसा ये आदेश करें वे वैसा ही कर देते हैं ।
राजनीति के योद्धा हमको कष्ट बड़ा ही देते हैं ।
पांच साल के बाद जब समय चुनाव का आता है ।
शेर सा दिखने वाला नेता पूँछ हिलाता आता है ।
जाति और धर्म का शस्त्र ये तो भरपूर चलाते हैं ।
अपनी जीत की खातिर ये तो बलवे तक करवाते हैं ।
नियम कायदे सारे ये तो टाँग खूँट पर देते हैं ।
राजनीति के योद्धा हमको कष्ट बड़ा ही देते हैं ।
शेर सा दिखने वाला नेता पूँछ हिलाता आता है ।
जाति और धर्म का शस्त्र ये तो भरपूर चलाते हैं ।
अपनी जीत की खातिर ये तो बलवे तक करवाते हैं ।
नियम कायदे सारे ये तो टाँग खूँट पर देते हैं ।
राजनीति के योद्धा हमको कष्ट बड़ा ही देते हैं ।
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