एक मकान को 20 आदमी 30 दिन में बनाएंगे,तो
40 आदमी कितने दिन में बनाएंगे
हमने कहा तीस दिन में ही बनाएंगे।
तो टीचर बोले
एक छोटा सा सवाल भी नही कर सकते हल
तो कक्षा से जाओ निकल
तो, हमने कहा,
मास्टरजी,मकान तुम्हारे गणित से नही बनते है
लिंटर के ढू ले 25 दिन से पहले नही खुलते है
अब तुम्ही बताओ ,बिना ढूला खुले
मकान कैसे बनाओगे
तुम्हारे हिसाब से तो अगर 100 आदमी लगा दे
तो मकान एक ही दिन में तैयार कर जाओगे
टीचर को भी बात समझ मे आई
हम पर थोड़ी नरमी खाई
फिर अगला सवाल पूछने से पूर्व
हमे दी थोड़ी नसीहत
उटपटांग उत्तर देकर
बरबाद मत करना वक्त
हमने कहा सवाल पकड़ाईये
अपना वक्त मर गवाइये
तो टीचर ने सवाल दागा
दो आदमी 50 रोटी दो घण्टे में बनाते है
इक आदमी कितने समय मे बनाएगा
हमने कहा
यदि वो आदमी कवारा है तो
चार घण्टे लगाएगा
और यदि विवाहित है तो
डेढ़ घण्टे में बनाएगा
और यदि बीवी बेलन लेकर सर पर खड़ी हो जाये
तो घण्टा भी नही लगाएगा
तो उत्तर सुनकर टीचर फिर उखड़ गए
अपनी ज्ञानदेई लेकर हम पर चढ़ गए
बोले,तेरा गणित तेरे किसी काम नही आएगा
मगर बात ठीक कहता है
इसलिए कवि बन जायेगा
तब से मास्टर जी का श्राप झेल रहा हूं
और कवि बनकर आज तक शब्दो
से खेल रहा हूं।
40 आदमी कितने दिन में बनाएंगे
हमने कहा तीस दिन में ही बनाएंगे।
तो टीचर बोले
एक छोटा सा सवाल भी नही कर सकते हल
तो कक्षा से जाओ निकल
तो, हमने कहा,
मास्टरजी,मकान तुम्हारे गणित से नही बनते है
लिंटर के ढू ले 25 दिन से पहले नही खुलते है
अब तुम्ही बताओ ,बिना ढूला खुले
मकान कैसे बनाओगे
तुम्हारे हिसाब से तो अगर 100 आदमी लगा दे
तो मकान एक ही दिन में तैयार कर जाओगे
टीचर को भी बात समझ मे आई
हम पर थोड़ी नरमी खाई
फिर अगला सवाल पूछने से पूर्व
हमे दी थोड़ी नसीहत
उटपटांग उत्तर देकर
बरबाद मत करना वक्त
हमने कहा सवाल पकड़ाईये
अपना वक्त मर गवाइये
तो टीचर ने सवाल दागा
दो आदमी 50 रोटी दो घण्टे में बनाते है
इक आदमी कितने समय मे बनाएगा
हमने कहा
यदि वो आदमी कवारा है तो
चार घण्टे लगाएगा
और यदि विवाहित है तो
डेढ़ घण्टे में बनाएगा
और यदि बीवी बेलन लेकर सर पर खड़ी हो जाये
तो घण्टा भी नही लगाएगा
तो उत्तर सुनकर टीचर फिर उखड़ गए
अपनी ज्ञानदेई लेकर हम पर चढ़ गए
बोले,तेरा गणित तेरे किसी काम नही आएगा
मगर बात ठीक कहता है
इसलिए कवि बन जायेगा
तब से मास्टर जी का श्राप झेल रहा हूं
और कवि बनकर आज तक शब्दो
से खेल रहा हूं।
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