Thursday, October 7, 2010

अभी तो मैं जवान हूँ

ज़िन्दगी़ में मिल गया कुरसियों का प्यार है
अब तो पाँच साल तक बहार ही बहार है
कब्र में है पाँव पर
फिर भी पहलवान हूँ
अभी तो मैं जवान हूँ।

1 comment:

  1. Your musings are of course not BETUKE. Very pertinent thoughts!

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