की
तानशाह पत्नी बागी पति से बोली
हाय
हाय मुए बिल्ली के गले में घंटी क्यों बाँधी थी चूहे
क्यों
झूठे वाडे किये पलकों पे बिठाने के सितारे तोड़ लाने के
बाहों
में उठाने के
करके
अपना मूह भोला
भूका
पति बोला
तुम
मेरी जवानी को अब तक नहीं समझी
तुमको
धिक्कार है
अरे
बात भी की वो भी बाहों में उठाने की
बन्दा
को कंधा उठाने को बेकरार है
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