Thursday, July 11, 2013

हाशिम फिरोजाबदी

मोहोब्बत का घना बादल बना देता तो अच्छा था
मुझे उस आँख का काजल बना देता तो अच्चा था 
उसे पाने की खाहिश अब मुझे जीने नहीं देती 
खुदाया तू मुझे पागल बना देता तो अच्चा था - हाशिम फिरोजाबदी

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