Monday, July 22, 2013

तुम भी झूठे हो

मुझसे बिछड़ के ख़ुश रहते हो,
मेरी तरह तुम भी झूठे हो 

कुछ तो मजबूरियां रही होंगी,
यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता।

अजीब शख्स है नाराज होके हंसता है,
मैं चाहता हूं ख़फ़ा हो,तो ख़फ़ा ही लगे।

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जायेगा,
इतना मत चाहो उसे वो बे-वफ़ा हो जायेगा।

एक दिन तुझ से मिलने जरूर आऊंगा
जिंदगी मुझ को तेरा पता चाहिए।

पलकें भी चमक जाती हैं सोते में हमारी,
आंखों को अभी ख्वाब छुपाने नहीं आते।

देने वाले ने दिया सब कुछ अजब अंदाज से,
सामने दुनिया पड़ी है और उठा सकते नहीं।

मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,
हाय मौसम की तरह दोस्त बदल जाते हैं।

हम अभी तक हैं गिरफ्तार ए मुहब्बत यारों,
ठोकरें खा के सुना था कि सम्भल जाते हैं।

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