मैं उसकी आँखों से छलकी शराब पीता हूँ
फ़क़ीर हो के भी महँगी शराब पीता हूँ
तुझे देखूँ तो पहचानने में देर लगे
कभी-कभी तो मैं इतनी शराब पीता हूँ
मुझे नशे में बहकने कभी नहीं देता
वो जानता है मैं कितनी शराब पीता हूँ
पराये पैसों से अय्याशियाँ नहीं की हैं
मैं जब भी पीता हूँ अपनी शराब पीता हूँ
पुराने चाहने वालों की याद आने लगे
इसीलिए मैं पुरानी शराब पीता हूँ
फ़क़ीर हो के भी महँगी शराब पीता हूँ
तुझे देखूँ तो पहचानने में देर लगे
कभी-कभी तो मैं इतनी शराब पीता हूँ
मुझे नशे में बहकने कभी नहीं देता
वो जानता है मैं कितनी शराब पीता हूँ
पराये पैसों से अय्याशियाँ नहीं की हैं
मैं जब भी पीता हूँ अपनी शराब पीता हूँ
पुराने चाहने वालों की याद आने लगे
इसीलिए मैं पुरानी शराब पीता हूँ
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