कभी संभले तो कभी बिखरते नजर आये हम ,
जिंदगी के हर मोड़ पर खुद में सिमटते आये हम !
यूँ तो जमाना कभी खरीद नहीं सकता हमें रहेश ,
मगर प्यार के दो लफ्जो में सदा बिकते आये हम
जिंदगी के हर मोड़ पर खुद में सिमटते आये हम !
यूँ तो जमाना कभी खरीद नहीं सकता हमें रहेश ,
मगर प्यार के दो लफ्जो में सदा बिकते आये हम
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