Friday, May 4, 2018

कुछ कहानियाँ सुनना चाहता हूँ

जिन्दगी सौ दर्द की दास्तान होती है
हर तस्वीर से कितनी कहानियाँ बयान होती हैं।
फिर भी ऐ जिन्दगी तु बहुत खुबसुरत है
हर पल तुझे जीने की चाह रहती है।।
तेरी मुस्कुराहट पे मैं हर पल निसार होता हूँ
तेरे संग चलने को मैं हरदम तैयार रहता हूँ
ना कोई सवाल ना किसी की उल्फत है
पर जिन्दगी सच मुझे तेरी बहुत जरुरत है।।
तुझे हो न हो मुझे तुझसे बहुत प्यार है
तेरे बिना मेरा दिल सूना-सूना सा है
बिन तेरे धडकनों का सुर अधूरा है
कहने को जिन्दा हूँ पर खुशियों से दूरी है।।
चुप रहना चाहता हूँ पर अल्फाज फिसल जाते हैं
लाख रोकता हूँ पर अरमान मचल जाते हैं
कभी मेरा हाथ पकड मुझे भी साथ ले के चल
मैं तेरे धडकनों में बसना तेरे रंगो में घुल जाना चाहता हूँ।।
ऐ जिन्दगी मैं तुझे बहुत-बहुत प्यार करना चाहता हूँ....!
तेरी बाँहों में रहना तेरी आँखों में बसना चाहता हूँ
लगा ले मुझे गले से मैं धडकनों को सुनना चाहता हूँ
कुछ कहानियाँ कहना कुछ कहानियाँ सुनना चाहता हूँ।।

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