एक कहानी माँ बाबा की बोलो कहा से शुरू करूँ.......
पहले तो उनके श्री चरणों में शीश झुका कर नमन करूँ....
पहले तो उनके श्री चरणों में शीश झुका कर नमन करूँ....
माँ-बाबा मेरे सर्व पूजनीय...भगवन पूजा बाद में....
तीनो लोक की खुशियां मिलती बस इनके आशीर्वाद में...
तीनो लोक की खुशियां मिलती बस इनके आशीर्वाद में...
पापा घर की नींव है तो माँ उसमें नर्म बिछोना है....
क्या उनकी तारीफ करूँ मैं ,उनसे खुश घर का हर इक कोना है....
क्या उनकी तारीफ करूँ मैं ,उनसे खुश घर का हर इक कोना है....
पापा मेहनत करते है तो माँ हिम्मत बन जाती है....
जोड़ जोड़ कर पाई पाई..बच्चो का भविष्य बनाती है.....
जोड़ जोड़ कर पाई पाई..बच्चो का भविष्य बनाती है.....
ख्याल रखते है पापा हमारा...जो चीज जरूरत की होती...
ला देते है इक पल में हमें...कमी किसी चीज की ना होती...
ला देते है इक पल में हमें...कमी किसी चीज की ना होती...
बचपन खेला इनकी गोदी में...इनको बहोत सताया है....
करी शैतानी बहोत मगर...बस इनसे लाड प्यार ही पाया है.....
करी शैतानी बहोत मगर...बस इनसे लाड प्यार ही पाया है.....
डर लगता जब बचपन मे,हम इनके आँचल में छुप जाते..
साथ जो बैठे माँ-बाबा के.....हम अच्छी शिक्षा ही पाते...
साथ जो बैठे माँ-बाबा के.....हम अच्छी शिक्षा ही पाते...
खून पसीने से सींचा घर बाबा ने..माँ ने इसे संवारा दिया...
पालन पोषण कर हम बच्चो का..फिर गृहस्थ जीवन मे उतार दिया..
पालन पोषण कर हम बच्चो का..फिर गृहस्थ जीवन मे उतार दिया..
रहना सिखाया मिल जुलकर हम सबको,साथ साथ चलते जाना..
कैसी भी हो विकट समस्या..कभी नही तुम घबराना....
कैसी भी हो विकट समस्या..कभी नही तुम घबराना....
जैसे हम सब साथ रहे अब तक..आगे भी बढ़ते जाना....
दुनिया है बेरंग ये कहते...बातों में इनकी तुम मत आना...
दुनिया है बेरंग ये कहते...बातों में इनकी तुम मत आना...
त्याग-तपस्या माँ बाबा की बहोत कठिन...इनके कितने उच्च विचार है...
प्यार मोहब्बत ही रहे घर उनके...यही जीवन का आधार है...
प्यार मोहब्बत ही रहे घर उनके...यही जीवन का आधार है...
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