अक्षर - अक्षर के मिलने से, शब्दों का संसार बने ।
भाषाओं की दुनिया में, बिन हिन्दी ना काम बने ।
हिन्दी रस में जब हम डूबे, हमने तो यह पाया है ।
शब्दों के महासागर में, खूब नहाती है हिन्दी ।
हिन्दी रस में जब हम डूबे, हमने तो यह पाया है ।
शब्दों के महासागर में, खूब नहाती है हिन्दी ।
अँग्रेजी, रूसी, चीनी, जर्मन, फ्रेंच, जापानी हैं।
भाषारूपी दुनिया में, कितनी ही महारानी हैं ।
सब भाषाओं को जब परखा, हमने तो यह पाया है ।
महारानियों की महफिल में, बस पटरानी है हिन्दी ।
भाषारूपी दुनिया में, कितनी ही महारानी हैं ।
सब भाषाओं को जब परखा, हमने तो यह पाया है ।
महारानियों की महफिल में, बस पटरानी है हिन्दी ।
विज्ञान जगत का गूढ रहस्य, हिन्दी में समाया है ।
सम्पूर्ण जगत ने हिन्दी सहित्य, अनुवादित करवाया है ।
पढ़ - पढ़ हिन्दी साहित्य को हमने तो यह पाया है ।
दीप ज्ञान का सदा जलाती, तिमिरनाशिनी है हिन्दी ।
सम्पूर्ण जगत ने हिन्दी सहित्य, अनुवादित करवाया है ।
पढ़ - पढ़ हिन्दी साहित्य को हमने तो यह पाया है ।
दीप ज्ञान का सदा जलाती, तिमिरनाशिनी है हिन्दी ।
आड़ी-सीधी रेखाओं से, बनते शब्द निराले हैं ।
क, ख, ग, घ के मिलने से, अर्थ बड़े रसवाले हैं ।
लिखकर देखा जब हिन्दी में , हमने तो यह पाया है ।
कुछ भी लिखो यारों तुम तो, बस बन जाती है हिन्दी ।
क, ख, ग, घ के मिलने से, अर्थ बड़े रसवाले हैं ।
लिखकर देखा जब हिन्दी में , हमने तो यह पाया है ।
कुछ भी लिखो यारों तुम तो, बस बन जाती है हिन्दी ।
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