न पूछो हाल इस दिल की,
जख्म हम कैसे ढ़ोते हैं,
क्या बोलूँ बातें हर पल की,
हम खुशियाँ कैसे खोते हैं,.......
जख्म हम कैसे ढ़ोते हैं,
क्या बोलूँ बातें हर पल की,
हम खुशियाँ कैसे खोते हैं,.......
बदन पे उनके हैं गहने,
पुराने शर्ट हम पहने,
पड़े हैं डाँट भी सहने,
गुलाम लगे लोग भी कहने,
पुराने शर्ट हम पहने,
पड़े हैं डाँट भी सहने,
गुलाम लगे लोग भी कहने,
हे भगवन ! आ तु धरती पर,
देख आँसू कैसे धोते हैं,
क्या बोलूँ बातें हर पल की,
हम खुशियाँ कैसे खोते हैं,.......
देख आँसू कैसे धोते हैं,
क्या बोलूँ बातें हर पल की,
हम खुशियाँ कैसे खोते हैं,.......
मिला है जब राशन का बिल,
हम खुद दर दर भटकते हैं,
सुन सुन के भाषण धड़के दिल,
हम खुद ही सर पटकते हैं,
हम खुद दर दर भटकते हैं,
सुन सुन के भाषण धड़के दिल,
हम खुद ही सर पटकते हैं,
ये शादी बस भुलावा है,
हम पिंजरे के बस एक तोते हैं,
क्या बोलूँ बातें हर पल की,
हम खुशियाँ कैसे खोते हैं,....
हम पिंजरे के बस एक तोते हैं,
क्या बोलूँ बातें हर पल की,
हम खुशियाँ कैसे खोते हैं,....
सुबह से शाम तक अफसर,
पिलाते डाँट ही अक्सर,
मैं लेटूँ थककर जा बिस्तर,
बुलाती आलसी कहकर,
पिलाते डाँट ही अक्सर,
मैं लेटूँ थककर जा बिस्तर,
बुलाती आलसी कहकर,
अब बच्चे बोले सब मिलकर,
क्यूँ बापू आपा खोते हैं,
क्या बोलूँ बातें हर पल की,
हम खुशियाँ कैसे खोते हैं,…
क्यूँ बापू आपा खोते हैं,
क्या बोलूँ बातें हर पल की,
हम खुशियाँ कैसे खोते हैं,…
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